NRI SANJH JALANDHAR (31 January)
चंडीगढ़ मेयर मामले को लेकर बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब देने को कहा है। चंडीगढ़ में यूथ कांग्रेस ने मेयर चुनाव के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और बैरीगे़ड्स तक तोड़ने की कोशिश की है।

कांग्रेसियों का आरोप है कि चुनाव में धांधली हुई है और दोबारा से होने चाहिेए। हाईकोर्ट में दी गई याचिका में कहा गया है कि चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव 30 जनवरी को हुए थे। इस दौरान आप-कांग्रेस के 20 में से 8 वोट अवैध घोषित कर दिए गए और बीजेपी प्रत्याशी मनोज सोनकर को विजेता घोषित कर दिया गया। कुलदीप कुमार ने 8 अस्वीकृत वोटों को चुनौती देने और सभी चुनाव सामग्री जब्त करने की अपील की है।

दोबारा से चुनाव करवाने की मांग कर रहे कांग्रेसी और आप
इंडिया अलायंस के उम्मीदवार का कहना है कि चुनाव में धांधली हुई है। याचिका में कहा गया है कि प्रेसिडिंग ऑफिसर अनिल मसीह ने वोटिंग के दौरान बैलेट पेपर से छेड़छाड़ की। जिसके बाद उनके 8 वोट खारिज कर दिए गए। कुलदीप कुमार ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। याचिका में उन्होंने मांग की है कि चुनाव रद्द करने के साथ-साथ चुनाव से जुड़ी सारी चीजें जब्त की जाए और हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त अधिकारी की मौजूदगी में दोबारा चुनाव कराया जाए।

कांग्रेस और आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया। जिसके बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्षद, कांग्रेसी नेता पवन बंसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लकी और आम आदमी पार्टी के सह-प्रभारी एचएस अहलूवालिया को थाने के अंदर मांग पत्र देने जाने की अनुमति दे दी गई है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने कहा कि जिस प्रकार प्रिजाइडिंग अफसर ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही करते हुए एक पार्टी को फायदा पहुंचाया है और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया है। इससे लोकतंत्र को हानि हुई है। उन पर आज ही मुकदमा दर्ज होना चाहिए, नहीं तो वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ यहां पर धरना देंगे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के धरना प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने थाने के आसपास चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस ने थाना और पार्किंग इलाके में पुलिस कर्मियों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया है। ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था को खराब न होने दिया जाए।


