Friday, April 17, 2026

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ED ने साधु सिंह धर्मसोत को किया गिरफ्तार, मेडिकल करवाने के लिए लाई

NRI SANJH JALANDHAR(15 JANUARY)

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने पंजाब के पूर्व कांग्रेसी मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को गिरफ्तार कर लिया है। धर्मसोत को जंगलात घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के केस में पूछताछ के लिए ED की जालंधर यूनिट ने बुलाया था। जहां जवाब से संतुष्ट न होने पर ED ने यह कार्रवाई की। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।

नवंबर 2023 को ही ED ने धर्मसोत के अलावा संगत सिंह गिलजियां, जंगलात विभाग के कुछ ठेकेदारों व उनके करीबियों के घर पर रेड की थी। ED धर्मसोत के करीबी और जंगलात विभाग के ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह, खन्ना स्थित एक करीबी और कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकती है।


पंजाब में भगवंत मान की सरकार आने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामला दर्ज कर साधु सिंह धर्मसोत समेत उक्त लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं इस मामले में संगत सिंह गिलजियां का नाम भी FIR में जोड़ा गया था। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। पंजाब विजिलेंस की रडार पर आने के बाद ED का ध्यान धर्मसोत और गिलजियां पर गया था। ED ने विजिलेंस को आदेश भेज इंक्वायरी से जुड़े दस्तावेज और जांच रिपोर्ट मंगवाई थी।

फरवरी 2023 में विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को फरवरी में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दूसरी बार फिर गिरफ्तार किया था। साल 2022 में भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और 89 दिन जेल में रहने के बाद सितंबर 2022 को जमानत पर बाहर आए थे।

विजिलेंस जांच में सामने आया था कि 1 मार्च 2016 से 31 मार्च 2022 तक की जांच अवधि में पूर्व मंत्री और उनके परिवार की आय 2.37 करोड़ रुपए थी। जबकि, खर्च 8.76 करोड़ था। ये खर्च 6.39 करोड़ रुपए आय से अधिक था।


विजिलेंस ब्यूरो ने 7 जून 2022 को धर्मसोत को उनके 2 सहयोगियों के साथ खैर के पेड़ों को काटने के लिए परमिट जारी करने, सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर, खरीद और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में संगठित भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

यह मामला मोहाली के गिरफ्तार DFO गुरमनप्रीत सिंह और ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर दर्ज किया गया था। जिन्होंने मंत्री के कार्यकाल के दौरान विभाग में विभिन्न गड़बड़ियों का विवरण दिया था।

ऐसे खुली थी पोल
ये सारा मामला स्टिंग ऑपरेशन का एक वीडियो सामने आने के बाद खुला था। वीडियो में DFO गुरमनप्रीत को कथित तौर पर चंडीगढ़ के आसपास अवैध फार्म हाउस की बिक्री के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगते देखा गया था। बाद में उन्हें पिछले साल 5 सितंबर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी।

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