NRI SANJH JALANDHAR (26 OCTOBER)
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से हुए इंटरव्यू मामले में भगवंत मान सरकार ने आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने पूर्व डीएसपी गुरशेर सिंह संधू समेत छह अन्य पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह आदेश राज्य के गृह विभाग के प्रमुख सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने शुक्रवार शाम जारी किए।
इन सभी को 3 अप्रैल 2022 को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू का दोषी पाया गया। उस वक्त लॉरेंस सीआईए पुलिस स्टेशन, खरड़ में बंद था। यह इंटरव्यू टीवी चैनलों में खूब चला था जो बाद में काफी वायरल हुआ। इसके बाद पंजाब सरकार और पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। डीएसपी स्पेशल ऑपरेशन सेल गुरशेर सिंह संधू के अलावा जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है उनमें समर वनीत, सब इंस्पेक्टर रीना, एसआई जगतपाल जांगू, सब इंस्पेक्टर शगनजीत सिंह, एएसआई मुख्तियार सिंह और एचसी ओम प्रकाश का नाम शामिल है।
जांच रिपोर्ट में पाए गए थे दोषी
पंजाब के गृह विभाग ने पंजाब मानवाधिकार आयोग के स्पेशल डीजीपी परबोध कुमार के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में 7 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया था। लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू के लिए पंजाब पुलिस ने 5 जनवरी को मोहाली में आईपीसी की धारा 384, 201, 202, 506, 116 और 120-बी और जेल अधिनियम 1894 की धारा 46 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
हाई कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जेल में रहते हुए किसी अपराधी को इंटरव्यू देने की इजाजत ना दी जाए। पंजाब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत निलंबन के आदेश जारी कर दिए। बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई पर दो दर्जन से ज्यादा हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं।


