Thursday, April 23, 2026

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बाबा रामदेव नही बेच सकेंगे पतंजलि के 14 प्रोडक्ट, सुप्रीम कोर्ट ने किए बैन

NRI SANJH Jalandhar (29 APRIL)

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पतंजलि को उत्तराखंड सरकार से भी झटका लगा है। उत्तराखंड औषधि नियंत्रण विभाग के लाइसेंस प्राधिकरण ने पतंजलि की दिव्य फार्मेसी कंपनी के 14 प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया है। दिव्य फार्मेसी की इन उत्पादों पर भ्रामक विज्ञापन मामले में बैन लगाया गया है। दिव्य फार्मेसी के जिन प्रोडक्ट्स पर बैन लगा है उनमें श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, दिव्य ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप शामिल हैं।

उत्तराखंड औषधि नियंत्रण विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक दिव्य फार्मेंसी की ओर से अपने उत्पादों की प्रभावशीलता के बारे में बार-बार भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए लाइसेंस को रोक दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल के हफ्तों में अपने कुछ उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए पतंजलि आयुर्वेदा को फटकार लगाई थी। शीर्ष अदालत कल (30 अप्रैल) को पतंजलि के मामले की सुनवाई करेगी ताकि यह तय किया जा सके कि योग गुरु स्वामी रामदेव के खिलाफ अवमानना का आरोप लगाया जाए या नहीं। बता दें कि रामदेव ही पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख कर्ताधर्ता हैं।

इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरवी अशोकन ने कहा कि हमने पतंजलि को अदालत में इसलिए घसीटा क्योंकि स्वामी रामदेव ने सारी हदें पार कर दी थीं। उन्होंने कोरोनिल के जरिए कोविड-19 के इलाज का दावा किया था और मॉडर्न मेडिकल साइंस को बदनाम किया। समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ एक साक्षात्कार में, अशोकन ने कहा कि रामदेव ने यह कहकर मेडिकल साइंस को बदनाम किया कि ‘आधुनिक चिकित्सा एक मूर्खतापूर्ण विज्ञान है।

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