NRI SANJH JALANDHAR (29 February)
किसान आंदोलन का आज शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 17 वां दिन है। हरियणा सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ बड़ाी एक्शन लिया है। शंभू और खनौरी बॉर्डर आंदोलन में उपद्रव मचाने वाले किसानों का पासपोर्ट और वीजा रद्द करने की तैयारी कर रही है।
प्रशासन ने कहा है कि उन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा जो उपद्रव कर रहे हैं। इनकी पहचान की जा रही है। बता दें कि 13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों पर बैरिकेड्स को तोड़ने का आरोप लगा है। ये भी आरोप है कि उन्होंने कई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। ऐसे किसानों की पहचान के लिए हरियाणा पुलिस ने IPTV कैमरे और ड्रोन कैमरे इंस्टॉल किए हैं। तोड़फोड़ कर रहे किसानों के चेहरे कैमरे में रिकॉर्ड कर उनकी पहचान की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे किसानों की तस्वीरें गृह मंत्रालय और एम्बेसी के साथ साझा की जाएगी। इसके बाद उनके वीजा और पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं. मामले की जानकारी देते हुए अंबाला के DSP जोगिंदर शर्मा ने आजतक से बात की। उन्होंने बताया
13 फरवरी से चल रहा किसान आंदोलन
आपको बता दें कि किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली चलो मार्च आंदोलन शुरू किया गया था। किसान अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने केलिए दिल्ली की तरफ कूच कर रहे थे। लेकिन किसानों को पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर सशस्त्र सेना बल से रोका गया है।
बीती 13 फरवरी से किसान वहीं आंदोलन पर बैठे हैं। इस बीच बॉर्डर से किसान और हरियाणा पुलिस के बीच कई बार संघर्ष को लेकर खबरें सामने आ चुकी है। बीते दिनों प्रदर्शन के दौरान लगभग 6 किसानों की मौत चुकी है।


