अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस NATO के किसी सदस्य देश पर हमला नहीं करेगा. उनका यह बयान CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा के बाद आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, रैटक्लिफ ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को NATO के किसी देश पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी थी. हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि उन्होंने रैटक्लिफ को पुतिन तक कोई विशेष चेतावनी पहुंचाने का निर्देश दिया था या नहीं।
ट्रंप ने 27 अगस्त को ओवल ऑफिस में पुतिन को लेकर कहा, मैंने उनसे अच्छी बातचीत की है. वह NATO के किसी क्षेत्र पर हमला नहीं करने वाले हैंजब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने रैटक्लिफ को रूस यात्रा के दौरान पुतिन को NATO पर हमला न करने की चेतावनी देने के लिए कहा था, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया।ट्रंप ने कहा, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन वे हमला नहीं करने वाले है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी।रैटक्लिफ की रूस यात्रा के दौरान द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लीक हुई अमेरिकी खुफिया जानकारी के आधार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की. इसमें संकेत दिया गया था कि रूस NATO देशों की प्रतिक्रिया और एकजुटता को परखने की योजना बना सकता है.अमेरिका खुद NATO का सदस्य है।
NATO के सामूहिक रक्षा प्रावधान के तहत यदि गठबंधन के किसी सदस्य देश पर हमला होता है और यह प्रावधान लागू किया जाता है, तो अमेरिका समेत अन्य सदस्य देश उसकी रक्षा के लिए मदद करने के लिए बाध्य होंगे।इससे एक दिन पहले 26 अगस्त को ट्रंप ने रैटक्लिफ की रूस की अचानक हुई यात्रा को सेमी-रूटीन बताया था. उन्होंने इस यात्रा को लेकर चल रही उन अटकलों को कमतर बताया था, जिनमें कहा जा रहा था कि CIA प्रमुख किसी बेहद जरूरी मुद्दे के कारण मॉस्को पहुंचे है।
रेडियो होस्ट ग्लेन बेक ने ट्रंप से 25 अगस्त को हुई रैटक्लिफ की यात्रा के बारे में सवाल किया. उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें हैं कि पुतिन किसी NATO देश को धमकी दे सकते हैं या रैटक्लिफ मॉस्को को यह संदेश देने गए हैं कि ईरान पर प्रतिबंधों के मामले में अमेरिका गंभीर है.ट्रंप ने इन दोनों संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि इनमें से कोई भी वजह नहीं है।
उन्होंने रैटक्लिफ की यात्रा को कुछ हद तक नियमित बताते हुए कहा, मैं लोगों को निराश करना पसंद नहीं करता।बाद में द वॉल स्ट्रीट जर्नल और CBS News ने रिपोर्ट किया कि रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा का मकसद रूस को NATO के किसी देश पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी देना था. यह रैटक्लिफ की मॉस्को की पहली ज्ञात यात्रा थी. इससे पहले ट्रंप ने उनकी यात्रा को लेकर कहा था कि इससे “कुछ नतीजा निकल सकता है.”।


