राष्ट्रीय महिला आयोग की माननीय चेयरपर्सन श्रीमती विजया रहाटकर ने जालंधर का व्यापक दौरा किया गया, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, संस्थागत जवाबदेही, आर्थिक सशक्तिकरण, डिजिटल समावेश और युवा लड़कियों के लिए अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया।चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जायजा लेने के लिए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में समय-बद्ध कार्रवाई, की गई कार्रवाई की समय पर रिपोर्ट, संस्थागत जवाबदेही और महिलाओं से संबंधित कानूनों व योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।POSH अधिनियम, 2013 का सख्ती से पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। चेयरपर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और कार्यस्थलों में आंतरिक समितियों का प्रभावी ढंग से काम करना सुनिश्चित किया जाए,
साथ ही नियमित जागरूकता प्रोग्राम और शिकायतों के निपटारे के लिए आसानी से उपलब्ध प्रणाली हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कल्याण का एजेंडा नहीं है; यह अच्छे शासन के सबसे मजबूत मानदंडों में से एक है।चेयरपर्सन ने रेड क्रॉस ऑडिटोरियम में स्वयं सहायता समूहों की लगभग 100 महिलाओं से भी बातचीत की। इस दौरान कृषि, डेयरी, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग और सूक्ष्म उद्यमों से जुड़ी महिलाओं ने अपने उद्यमिता सफर के बारे में जानकारी साझा की।
आयोग ने उन्हें अपनी डिजिटल उपस्थिति, पैकेजिंग, उत्पाद की प्रस्तुति और बाजार तक पहुंच को और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्रीमती रहाटकर ने महिलाओं से कहा कि वे सिर्फ योजनाओं की लाभार्थी ही नहीं हैं, बल्कि बदलाव लाने वाली भी है।लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय महिला आयोग अपनी ‘यशोदा ए.आई.’ पहल जालंधर लेकर आया, जिसका उद्देश्य डिजिटल सशक्तिकरण और उभरती तकनीकों में महिलाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
श्रीमती रहाटकर ने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को सिर्फ तकनीक का उपयोगकर्ता ही नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें नेतृत्व करने, नवाचार लाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देने के लिए तैयार होना चाहिए।हंस राज महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा युवा लड़कियों को सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “शी सर्वर्स” (She Serves) प्रोग्राम आयोजित किया गया।
कर्नल रश्मि नारायण और लेफ्टिनेंट सोनिया महेंद्र ने सेना में भर्ती के अवसरों के बारे में विशेष व्याख्यान दिया। छात्राओं द्वारा इस मौके पर पारंपरिक नृत्य और गायकी के माध्यम से पंजाब की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश की गई।चेयरपर्सन ने कहा कि हमारी युवा महिलाओं का साहस, अनुशासन और प्रतिबद्धता देश को मजबूत करेगी और विकसित भारत के भविष्य को आकार देगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा नशे की समस्या के कारण महिलाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने पर केंद्रित एक प्रोग्राम भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं और परिवारों पर नशे के असामान्य भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को उजागर किया
गया तथा इसकी रोकथाम और समाधान के लिए लिंग-संवेदनशील एवं सामुदायिक भागीदारी वाली दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।जालंधर के दौरे ने महिलाओं की सुरक्षा, मान-सम्मान, आर्थिक आजादी, डिजिटल समावेश और नेतृत्व के प्रति राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया, जिससे एक सुरक्षित और अधिक शक्तिशाली समाज की नींव मजबूत होगी।


