पंजाब कांग्रेस में चल रहे आंतरिक कलह के बीच पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष को बदलने की कोई गुंजाइश नहीं है।उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अध्यक्ष बदलना कोई गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के 23 जिला अध्यक्ष राजा वड़िंग के नाम पर अपनी सहमति दे चुके हैं।
इसलिए अब अध्यक्ष पद को लेकर किसी तरह का बदलाव न तो जरूरी है और न ही कोई गुंजाइश है।उनके इस बयान को राजा वड़िंग की अगुवाई पर हाईकमान की मुहर के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की तस्वीरें अभी भी सामने आ रही हैं।
भूपेश बघेल द्वारा की जा रही मीटिंगों से दूरी बनाए बैठे हैं। जानकारी के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके समर्थक छह से सात विधायक इन बैठकों में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा चन्नी गुट के कुछ अन्य नेताओं ने भी मीटिंगों से दूरी बनाए रखी।भूपेश बघेल ने पार्टी के अंदर अनुशासन का संदेश देते हुए यह भी कहा कि कोई भी नेता अपनी ‘लक्ष्मण रेखा’ पार न करे।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई नेता पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।भूपेश बघेल के इस सख्त रुख को पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद को ठंडा करने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चन्नी गुट इस बयान के बाद अपना रुख बदलता है या फिर आंतरिक नाराजगी जारी रहती है।


