पंजाब में इस बार मानसून में देरी और प्री-मानसून बारिश की कमी के कारण भाखड़ा और थीन डैम में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। इन डैमों के पानी का उपयोग सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है, लेकिन इस समय इनमें पानी का भंडारण सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर, ब्यास नदी पर बना पोंग डैम अभी भी बेहतर स्थिति में है।सतलुज नदी पर बने भाखड़ा डैम में पानी का स्तर इसकी कुल क्षमता का 21.84 %रह गया है, जबकि पिछले 10 सालों का औसत 24.55% है।26 जून को डैम में पानी की आवक 17,341 क्यूसिक थी, जबकि निकासी 29,650 क्यूसेक दर्ज की गई। रावी नदी पर बने थीन डैम में पानी का भंडारण 35.92% है, जो 10 सालों के औसत 42.32% से काफी कम है।
पोंग डैम में इस समय पानी का स्तर 27.35% है, जो 10 सालों के औसत 18.45% से ज्यादा है।बी.बी.एम.बी. (भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड) के अधिकारियों ने बताया कि पानी छोड़ने की प्रक्रिया रूल कर्व के अनुसार चलाई जा रही है। हालांकि महीने की शुरुआत में राज्यों को बाढ़ बचाव के लिए पानी की अधिक से अधिक खपत करने की सलाह दी गई थी, लेकिन अब मानसून के पिछड़ने के कारण स्थिति बदल गई है।उम्मीद जताई जा रही 2 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है, जिससे डैमों के पानी के स्तर में सुधार होने की संभावना है।


