लुधियाना के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए एक बड़ा झटका है कि एक स्थानीय अदालत ने लुधियाना सिटी बस सर्विसेज लिमिटेड (LCBSL) की 120 JNNURM बसों को ज़ब्त करने और उनकी नीलामी करने का आदेश दिया है। अदालत के इस आदेश से शहर की बस सेवा पूरी तरह से बंद होने का खतरा पैदा हो गया है।अदालत की टीम ने माता रानी चौक पर नगर निगम के ज़ोन A ऑफिस के कमरा नंबर 50 के बाहर नीलामी आदेश के पोस्टर चिपका दिए हैं।
अदालत ने बसों की नीलामी 2 जुलाई को करने और 7 जुलाई तक रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है।नगर निगम ने स्थानीय अदालत में आर्बिट्रेशन अवार्ड को चुनौती दी थी, लेकिन वहां भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने निगम को मुआवज़े की रकम का 50 प्रतिशत नकद (FD/ED के ज़रिए) और बाकी 50 प्रतिशत ज़िला और सत्र अदालत में सिक्योरिटी के तौर पर जमा करने का निर्देश दिया।नगर निगम ने सिक्योरिटी की रकम तो जमा कर दी, लेकिन नकद रकम जमा नहीं कर पाई। इसी वजह से अदालत ने अब बसों को ज़ब्त करने और उनकी नीलामी करने का आदेश जारी किया है।
हॉराइज़न कनेक्ट ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने मामले को अदालत के बाहर सुलझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।उन्होंने कहा कि जब उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उनके पास अदालत जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
वे अब अदालत की अवमानना का मामला दायर करेंगे और ज़िम्मेदार अधिकारी के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की मांग करेंगे।अधिकारी ने यह भी दावा किया कि बसों की नीलामी के बाद भी मुआवज़े की पूरी रकम वसूल नहीं हो पाएगी। इस वजह से कंपनी अदालत से LCBSL बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के अधिकारियों की सैलरी रोकने की भी मांग करेगी।


