बरनाला की राधा रानी कॉलोनी में रहने वाले पूर्व आर्मी ऑफ़िसर बूटा सिंह का परिवार तब टूट गया जब उन्हें अपने 22 साल के बेटे अग्निवीर जसनप्रीत सिंह की मौत की खबर मिली।
जानकारी के मुताबिक, जसनप्रीत सिंह करीब डेढ़ साल पहले अग्निवीर के तौर पर भारतीय सेना में शामिल हुए थे और उनकी ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई।
जसनप्रीत सिंह एक फौजी परिवार से थे। उनके पिता बूटा सिंह ने भारतीय सेना में करीब 19 साल तक सेवा की है, जबकि उनके बड़े भाई अर्शदीप सिंह भी अभी सेना में देश की सेवा कर रहे हैं। इस तरह, परिवार के तीन सदस्य देश सेवा से जुड़े रहे हैं।
परिवार वालों ने बताया कि जसनप्रीत 12वीं पास करने के बाद देश सेवा के जज़्बे के साथ सेना में शामिल हुए थे। उनकी ट्रेनिंग लगभग पूरी हो चुकी थी और जल्द ही उन्हें रेगुलर ड्यूटी पर तैनात किया जाना था। इस दुखद घटना के बाद, परिवार ने मांग की है कि ड्यूटी और ट्रेनिंग के दौरान हुई मौत को देखते हुए जसनप्रीत सिंह को शहीद का दर्जा दिया जाए।
जसनप्रीत सिंह की मां चरणजीत कौर का बुरा हाल है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि कोई भी मां अपने बेटे से दूर नहीं होनी चाहिए। वे अपने बेटे का इंतज़ार कर रही थीं, लेकिन अब वह हमेशा के लिए उनसे दूर हो गया है। पिता बूटा सिंह, बड़े भाई अर्शदीप सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों का भी बुरा हाल है। पूरे इलाके में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में लोग परिवार के दुख में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
आज सेना की एक टुकड़ी द्वारा जसनप्रीत सिंह को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक और पूर्व सैनिक संगठनों ने भी इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अब तक सेना के अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या मेडिकल रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। मेडिकल रिपोर्ट और सेना के आधिकारिक बयान के बाद ही मौत के असली कारण के बारे में पूरी जानकारी सामने आएगी।


