संयुक्त राष्ट्र (यूएन) आज यानी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के मौके पर भारत के दो वीर शांति रक्षकों को मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करेगा. इसके साथ ही भारतीय सेना की महिला अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को भी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
यह सम्मान वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और भारतीय सैनिकों की बहादुरी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस एक विशेष समारोह में भारतीय सेना के दो वीर जवानों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित डैग हैमर्सजोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगे. इन जवानों ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
लांस हवलदार हरभजन सिंह ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में संयुक्त राष्ट्र के स्थिरीकरण मिशन मोनुस्को (MONUSCO) के तहत अपनी सेवाएं दी थीं. ड्यूटी के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की थी.नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन यूएनमिस (UNMISS) के तहत तैनात थे। शांति मिशन के दौरान उन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
इस कार्यक्रम में भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 के “मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. मेजर अभिलाषा को यह सम्मान लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में तैनाती के दौरान महिला सशक्तिकरण और लैंगिक जागरूकता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जा रहा है. वर्तमान में वह यूएनआईएफआईएल के तहत फीमेल एंगेजमेंट टीम की कमांडर के रूप में कार्यरत है।


