केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यक्षमता को मज़बूत करने के लिए उसके कैडर ढांचे में बड़े बदलावों को मंज़ूरी दे दी है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी किए गए इस फ़ैसले का मुख्य उद्देश्य, जांच के बढ़ते दायरे और मामलों की बढ़ती संख्या को ज़्यादा असरदार तरीके से संभालना है।सरकारी आदेश के अनुसार, एजेंसी के मध्यम और निचले स्तर के पदों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी की गई है। विभिन्न पदों में किए गए बदलाव इस प्रकार हैं:
अतिरिक्त निदेशक: पदों की संख्या 10 से बढ़ाकर 24 कर दी गई है।संयुक्त निदेशक: अब ये पद 28 से बढ़कर 49 हो जाएंगे।उप निदेशक: इनकी संख्या 148 से बढ़ाकर 267 कर दी गई है।सहायक निदेशक: 255 से बढ़ाकर 531 पदों को मंज़ूरी दी गई है।प्रवर्तन अधिकारी: इनकी संख्या 355 से बढ़ाकर 606 कर दी गई है।सहायक प्रवर्तन अधिकारी: इसमें सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी की गई है, जिसमें पदों की संख्या 425 से बढ़कर 803 हो गई है।
न केवल जांच अधिकारियों के लिए, बल्कि विधिक, अधिनिर्णयन, प्रणाली, सुरक्षा और सहायक कर्मचारियों के कैडर में भी कई नए पदों को मंज़ूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से ED के पूरे कामकाज को मज़बूती मिलेगी।बजट और कार्यान्वयनयह नया आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंज़ूरी के बाद जारी किया गया है। खास बात यह है कि इस पुनर्गठन और नए पदों पर होने वाला खर्च ED के मौजूदा बजट से ही पूरा किया जाएगा।


