भ्रष्टाचार के एक मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर को स्पेशल CBI कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें मामले में रोज़ाना सुनवाई की मांग की गई थी। स्पेशल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामला अभी चार्ज-फ्रेमिंग स्टेज तक नहीं पहुंचा है। इसलिए, इस स्टेज पर रोज़ाना सुनवाई का निर्देश देना प्रैक्टिकल नहीं है।
कोर्ट ने साफ किया कि प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के सेक्शन 4 के नियम मुख्य रूप से ट्रायल शुरू होने के बाद लागू होते हैं और सबूत रिकॉर्ड होने के बाद इस पहलू पर विचार किया जा सकता है। CBI ने प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988 (अमेंडेड 2018) के सेक्शन 4 के तहत स्पेशल कोर्ट में अर्जी दी थी। एजेंसी ने मांग की थी कि ट्रायल जल्दी शुरू किया जाए और ट्रायल रोज़ाना किया जाए।
CBI ने दलील दी कि आरोपी लगातार अलग-अलग अर्जी दे रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में देरी हो रही है। एजेंसी ने कहा कि अगर ट्रायल समय पर नहीं किया गया, तो इससे ट्रायल बेवजह लंबा खिंच सकता है। पार्टियों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट ने कहा कि मौजूदा हालात में रोज़ाना सुनवाई का आदेश देना सही नहीं है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ट्रायल प्रोसेस शुरू होने के बाद प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत स्पीडी ट्रायल का प्रोविज़न ज़्यादा सही है। इसी आधार पर कोर्ट ने CBI की अर्ज़ी खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि मामले में आगे की सुनवाई और कार्रवाई नियमों के मुताबिक जारी रहेगी।


