अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के 26वें दिन बातचीत की कोशिशें और मुश्किल हो गई है। ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने अपनी मुख्य मांगें रख दी है। यह मांगें इतनी सख्त हैं कि कई विशेषज्ञों का कहना है कि इन पर सहमति बनना अभी बहुत दूर लग रहा है। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल दोनों से लिखित गारंटी दी जाए कि आगे कभी भी ईरान पर सैन्य कार्रवाई नहीं होगी।
जंग में हुए जान-माल के नुकसान की पूरी क्षतिपूर्ति (war reparations) अमेरिका और उसके सहयोगियों से मांगी गई है। ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका औपचारिक और पूरा कंट्रोल रहे, साथ ही अमेरिका और इजरायल के जहाजों को लेकर सख्त शर्तें लगाई जा सकती है।बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर कोई प्रतिबंध नही।
ईरान ने साफ कहा कि उसके बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम पर कोई रोक या प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल कहा था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन ईरान ने साफ इनकार किया है कि कोई सीधी बातचीत हो रही है।
तेहरान कह रहा है कि सिर्फ मध्यस्थों (जैसे ओमान, कतर, पाकिस्तान) के जरिए संदेश आ रहे है।ईरान जेडी वेंस को बातचीतकर्ता के तौर पर पसंद करता है, जबकि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ पहले हुई बैठक फेल हो चुकी है।


