तेहरान और बेरूत के रिहायशी इलाकों में इजरायली हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे। जंग में अमेरिका के 7 सैनिकों को मौत और 140 घायल हो चुके है। ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग का 11वां दिन है।28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग में अब तक काफी कुछ बदल चुका है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति, तेल की सप्लाई पर खतरा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन बिछाने की कोशिशें और दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे है।
ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल की मिलिट्री ने जंग शुरू होने से अब तक लगभग 10,000 सिविलियन साइट्स पर हमले किए है। इनमें घर, स्कूल, अस्पताल और दूसरी आम जगहें शामिल है।ईरान के UN एंबेसडर अमीर सईद इरावानी और डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर अली जाफरियन के मुताबिक, 1,300 से ज्यादा सिविलियन मारे गए हैं
, जिनमें बच्चे और हेल्थ वर्कर्स भी शामिल है। ईरान का कहना है कि ज्यादातर हमले सिविलियन एरिया पर हुए हैं, जैसे तेहरान में रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स, तेल फैसिलिटी और दूसरी जगहों पर।अमेरिका की तरफ से साफ कहा गया है कि हमले मुख्य रूप से मिलिट्री टारगेट्स पर हो रहे हैं, जैसे मिसाइल लॉन्चर्स, ड्रोन बेस, रडार और कम्युनिकेशन सिस्टम.US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 16 इनएक्टिव ईरानी माइन-लेइंग वेसल्स को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास तबाह कर दिया गया है।
ये वो जहाज थे जो माइन बिछाने की कोशिश कर रहे थे।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन बिछाए या तेल की सप्लाई रोकी, तो ग्रेव कंसीक्वेंसेज होंगे, मतलब बहुत भारी हमले। ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पावर प्लांट्स तक पर स्ट्राइक की जाएगी।


