भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अब चीजें स्पष्ट हो गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। दोनों देशों ने संयुक्त बयान में कहा कि अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे।
दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों विशेषकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे।निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करेगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े भारतीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स एंड डायमंड्स और विमान पुर्जों सहित कई वस्तुओं पर टैरिफ शून्य किए जाएंगे, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मेक इन इंडिया को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



