भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को फरवरी में ब्रिटेन (UK) और इज़राइल जाने के लिए पॉलिटिकल क्लीयरेंस देने से मना कर दिया है। मुख्यमंत्री मान, जिनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट है, इन देशों के इन्वेस्टर्स को पंजाब में इन्वेस्ट करने के लिए बुलाने के लिए एक डेलीगेशन को लीड करने वाले थे।
सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा 7 से 10 दिनों का होना था, जिसका मकसद मार्च में पंजाब में होने वाले इन्वेस्टर्स समिट के लिए विदेशी इन्वेस्टर्स को बढ़ावा देना था। 25 सदस्यों वाले डेलीगेशन में चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रवि भगत और इंडस्ट्रीज़ डिपार्टमेंट के दूसरे सीनियर अधिकारी शामिल होने थे।
विदेश मंत्रालय ने परमिशन कैंसिल करने की कोई खास वजह नहीं बताई। मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर बोलने से इंकार कर दिया, बस इतना कहा कि किसी को विदेश जाने की इजाज़त देने या न देने के पीछे कई कैलकुलेशन होती हैं।प्रोटोकॉल के मुताबिक, मंत्रालय संबंधित देश की एम्बेसी से जवाब मिलने के बाद ही अप्रूवल पर फैसला लेता है।
सूत्रों ने बताया कि ऐसे दौरों, होटल बुकिंग और दूसरे इंतज़ामों की रूपरेखा पॉलिटिकल अप्रूवल मिलने के बाद ही बनाई जाती है। क्योंकि अभी मंज़ूरी नहीं मिली है, इसलिए मुख्यमंत्री के पास दौरा कैंसिल करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस ओलंपिक में जाने की इजाज़त नहीं दी गई थी। इसके अलावा अगस्त 2025 में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO को भी US जाने की इजाज़त नहीं दी गई थी।


