पंजाब के DGP गौरव यादव ने आज चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मार्च 2026 में पंजाब पुलिस को करीब 1600 कर्मचारी मिल जाएंगे। इन सभी को इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर और ASI के पदों पर तैनात किया जाएगा। यह प्रमोशनल बेसिस पर नियुक्ति है। सभी कर्मचारी ट्रेनिंग के लिए गए हैं।
DGP ने कहा कि इससे पुलिस थानों को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही डायल 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस 5 से 8 मिनट में मदद के लिए पहुंचेगी। इसलिए पुलिस ने अपने डायल रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने का फैसला किया है। अभी पंजाब का रिस्पॉन्स टाइम 10 से 12 मिनट है।
इसे बेहतर बनाने के लिए कई लेवल पर काम किया जाएगा। PCR के लिए 8100 नई गाड़ियां भी खरीदी जाएंगी। DGP ने कहा कि अभी डायल 112 हेल्पलाइन का रिस्पॉन्स टाइम 10 से 13 मिनट है। इसे घटाकर 7 से 8 मिनट करने का प्लान है। इसके लिए मोहाली के सेक्टर-89 में 200 करोड़ रुपये की लागत से एक मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। गाड़ियों के अपग्रेडेशन के लिए 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके साथ ही, पंजाब पुलिस ने पिछले 3 सालों में गाड़ियों के अपग्रेडेशन पर 800 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। केंद्र सरकार की गाड़ी स्क्रैप पॉलिसी के अनुसार, 15 साल से पुरानी कोई भी गाड़ी सड़क पर नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान 2000 गाड़ियों को स्क्रैप किया गया।इसकी जगह पिछले 3 सालों में पंजाब पुलिस में 1500 फोर-व्हीलर और 400 टू-व्हीलर शामिल किए गए। अगले साल PCR के लिए 8100 गाड़ियां खरीदी जाएंगी।
पिछले सालों में पुलिस वेलफेयर पर 45 करोड़ रुपये, काउंटर इंटेलिजेंस पर 80 करोड़ रुपये, साइबर क्राइम डिवीज़न पर 40 करोड़ रुपये, बॉर्डर एरिया के पुलिस स्टेशनों पर 60 करोड़ रुपये, कंप्यूटराइजेशन पर 106 करोड़ रुपये, पुलिस बिल्डिंग्स पर 142 करोड़ रुपये, मॉडर्नाइजेशन पर 80 करोड़ रुपये और पुलिस गाड़ियों पर 258 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।राज्य के सभी 454 पुलिस स्टेशनों के SHO को नई गाड़ियां मिली हैं। इस साल सभी DSP को नई गाड़ियां दी जाएंगी।


