गुरदासपुर में बस स्टैंड के पास एक इमिग्रेशन सेंटर पर पांच-छह गोलियां चलने का मामला सामने आया है। जेनिथ गाइडेंस प्राइवेट लिमिटेड इमिग्रेशन कंपनी के मालिक गांव बाबोवाज के रहने वाले संजय शर्मा ने बताया कि आज सुबह जब उनके कर्मचारी बस स्टैंड के पास ऑफिस पहुंचे
उन्होंने शटर पर गोलियों के निशान देखे। सूचना मिलने पर वह मौके पर ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने शटर पर गोलियों के निशान देखे और तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। संजय शर्मा ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन करीब सात महीने पहले उन्हें एक पुर्तगाली नंबर से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के लिए कॉल आया था।
उन्होंने वह नंबर ब्लॉक कर दिया था। हालांकि, शर्मा ने माना कि उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी। यह सूचना मिलते ही गुरदासपुर के CIA स्टाफ इंचार्ज मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी। जब इमिग्रेशन ऑफिस का शटर खोला गया तो गोलियां न सिर्फ शटर को छेदती हुई अंदर के कांच के दरवाजे भी टूट गए थे। इससे साफ पता चलता है कि आरोपियों ने बहुत पास से गोली चलाई थी।
मौके पर पहुंचे पुलिस ऑफिसर गुरमीत सिंह ने बताया कि फायरिंग का समय और किसने की, यह पता लगाने के लिए पास में लगे CCTV कैमरों से जांच शुरू कर दी गई है। शूटर्स की पहचान के लिए कई तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इमिग्रेशन सेंटर के मालिक संजय शर्मा ने पुलिस को फिरौती के कॉल के बारे में कभी नहीं बताया था।
उन्होंने कहा कि मामला हाई अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है, और उन्होंने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले जेल रोड पर एक इमिग्रेशन सेंटर पर अज्ञात लोगों ने फायरिंग की थी।


