पंजाब भर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर रेलवे ट्रैक जाम कर दिए है। किसान पूरे पंजाब में रेलवे ट्रैक पर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे है। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने घोषणा की थी कि किसानी मांगों को लेकर आज 5 दिसंबर को दो घंटे के लिए ‘रेल रोको’ आंदोलन किया जाएगा।
किसान-मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने घोषणा की है कि बिजली संशोधन विधेयक 2025, सरकारी जमीनों को बेचने और शंभू-खनौरी मोर्चे से जुड़े मामलों में पंजाब सरकार व केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए स्थायी मोर्चे लगाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दो घंटे के ‘रेल रोको’ आंदोलन की घोषणा की, जिसमें बिजली संशोधन विधेयक 2025 एक प्रमुख मुद्दा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान सरवण सिंह पंधेर, मंजीत सिंह राय सहित अन्य किसान नेताओं ने कहा कि कार्यक्रम के तहत 17 और 18 दिसंबर को डीसी कार्यालयों के सामने स्थायी धरने दिए जाएंगे। यदि मांगों पर सुनवाई न हुई तो 19 दिसंबर को ‘रेल रोको’ आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।किसान नेता मंजीत सिंह राय और सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब के महत्वपूर्ण मुद्दों को ध्यान में रखते हुए किसानों और आम लोगों से जुड़ी समस्याओं के रोष के रूप में उनकी जठेबंदी ने घोषणा की है।
बिजली संशोधन विधेयक 2025 के रोष और सरकारी जमीनों को बेचने के मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ 5 दिसंबर को दो घंटे के लिए ‘रेल रोको’ आंदोलन किया गया है।उन्होंने कहा कि 10 तारीख को प्रीपेड मीटर के रोष के रूप में धरना दिया जाएगा। साथ ही, यदि इन मांगों पर ध्यान न दिया गया तो 17 और 18 दिसंबर को डीसी कार्यालयों के सामने स्थायी मोर्चे लगाए जाएंगे।
इतना ही नहीं, यदि तब भी कोई बात न बनी तो 19 दिसंबर को वे रेल रोकने के लिए मजबूर होंगे।इसके अलावा, उन्होंने पंजाब सरकार पर रोष जताते हुए गन्ने की बकाया राशि को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाना चाहिए।


