NRI SANJH JALANDHAR (25 January)
पंजाब के बठिंडा में मुर्गों की लड़ाई कराने का मामला सामने आया है। इसके लिए विधिवत कंपटीशन और जीतने वाले मुर्गे के मालिक को इनाम देने की भी व्यवस्था थी। यह कंपटीशन चल ही रहा था कि, पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने आयोजकों में तीन से लोगों को अरेस्ट किया है। वहीं एक मुर्गे को भी हिरासत में लेते हुए उसे केस प्रापर्टी बनाया है। फिलहाल पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद इस मुर्गे को एक मुर्गा पालक के पास रखा गया है। मुर्गा पालक को हिदायत दी गई है कि मुर्गे को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इससे मुर्गा पालक की सिरदर्दी बढ़ गई है।
मामला बठिंडा के ब्लूआना गांव का है। पुलिस के मुताबिक हाल ही में इस गांव में मुर्गों की प्रतियोगिता हुई थी। इस प्रतियोगिता में मुर्गों को लड़ाया जा रहा था। गांव वालों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की। इस दौरान सभी आयोजक तो मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने घटना स्थल से एक मुर्गे को पकड़ लिया था। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर एक मुर्गा पालक के पास पहुंचा दिया। वहीं बाद में आयोजकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर तीन लोगों को अरेस्ट भी कर लिया।
पॉल्ट्री फार्म में रखवाया मुर्गा
पुलिस के मुताबिक चूंकि इस मुकदमे में मुर्गा केस प्रापर्टी है। इसलिए उसके सांभ संभाल के लिए उसे एक मुर्गा पालक के पास रखवा दिया गया है। पुलिस नियमित मौके पर जाकर खबर भी ले रही है। प्रोग्राम के दौरान पुलिस ने मौके से सभी 11 ट्रॉफियां कब्जे में ली हैं। हर ट्रॉफी के साथ इनाम राशि भी थी। मामले के जांच अधिकारी निर्मलजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में मुर्गे को कस्टडी में लिया गया है। उसे आवश्यकता के मुताबिक कोर्ट में भी पेश किया जाएगा।
बता दें कि किसी तरह के मवेशी, पक्षी और जानवरों की लड़ाई कराना या किसी तरह का प्रदर्शन करना प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को अरेस्ट करने का प्रावधान है। इसी कानून के बाद सर्कस में जानवरों का प्रदर्शन बंद हो गया था. बावजूद इसके कई जगह चोरी छुपे यह खेल जारी है।


