अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चल रही उथल-पुथल के बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल दिसंबर में भारत आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके 5-6 दिसंबर को भारत आने की संभावना है, हालांकि आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी बाकी है। यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद से पुतिन की यह पहली भारत यात्रा होगी।
भारत और रूस के बीच यह उच्च स्तरीय बैठक दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है। इस यात्रा की नींव अगस्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मास्को यात्रा के दौरान रखी गई थी। इसके बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन 1 सितंबर को चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में मिले, जहां दोनों नेताओं ने एक घंटे से अधिक समय तक द्विपक्षीय वार्ता की।
यह यात्रा भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है। पुतिन ने पिछली बार 6 दिसंबर, 2021 को भारत का दौरा किया था, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल रूस का दौरा किया था। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका लगातार रूस पर युद्ध समाप्त करने का दबाव बना रहा है।इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के भी जल्द ही भारत आने की संभावना है।
यूक्रेनी राजदूत ने अगस्त में इसकी पुष्टि की थी और कहा था कि तारीखों पर चर्चा चल रही है। पिछले साल अगस्त में, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान ज़ेलेंस्की को भारत आने का निमंत्रण दिया था। अगर यह यात्रा होती है, तो यह किसी यूक्रेनी राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा होगी।यह घटनाक्रम दर्शाता है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखना चाहता है।


