भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जल्द ही एक नया और उन्नत आधार मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है, जो आधार से जुड़ी सेवाओं को पहले से कहीं ज़्यादा आसान और सुरक्षित बना देगा।
UIDAI के सीईओ भुवनेश्वर कुमार ने पुष्टि की है कि यह ऐप अगले दो से तीन महीनों में आम जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगा और इसका परीक्षण पूरा हो चुका है।इस नए ऐप का सबसे क्रांतिकारी फ़ीचर ‘डिजिटल आइडेंटिटी शेयरिंग’ है।
अभी तक पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी पड़ती थी, लेकिन इस ऐप के आने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। उपयोगकर्ता अपनी सहमति से सीधे डिजिटल रूप में अपनी आधार जानकारी साझा कर सकेंगे, जिससे न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि डेटा सुरक्षा भी बढ़ेगी।
सुरक्षा कारणों से ऐप के ज़रिए मोबाइल नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी अपडेट नहीं की जा सकेगी। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलने के लिए पहले की तरह आधार सेवा केंद्र जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा। डेटा की सुरक्षा और दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।इस नए ऐप का सबसे क्रांतिकारी फ़ीचर ‘डिजिटल आइडेंटिटी शेयरिंग’ है।
अभी तक पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी पड़ती थी, लेकिन इस ऐप के आने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। उपयोगकर्ता अपनी सहमति से सीधे डिजिटल रूप में अपनी आधार जानकारी साझा कर सकेंगे, जिससे न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि डेटा सुरक्षा भी बढ़ेगी।


