पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को बाढ़ के बाद एक बार फिर आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। बाढ़ के कारण परिसर में करीब 11 फीट तक पानी भर गया था, जिससे गुरुद्वारा को कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।
अब सफाई और मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और स्थानीय श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।हालांकि, भारतीय श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर अब भी बंद है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है और कॉरिडोर सेवाएं अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी। यह कॉरिडोर 7 मई 2025 से बंद है।
इस फैसले की पृष्ठभूमि में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ एक भीषण आतंकी हमला है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी।
उसी दिन से भारत ने करतारपुर कॉरिडोर से भारतीय नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत नवंबर 2019 में हुई थी, जिससे भारतीय श्रद्धालु बिना वीजा के श्री गुरु नानक देव जी के अंतिम विश्राम स्थल तक पहुंच सकते थे। लेकिन वर्तमान में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और आतंकी घटनाओं के मद्देनज़र यह परियोजना ठप पड़ी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही कॉरिडोर को दोबारा खोलने पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


