NRI SANJH JALANDHAR (30 JULY)
एअर इंडिया ‘उड़ता हुआ ताबूत’ बन गया है। ये हम नहीं बोल रहें बल्कि विमानों की सुरक्षा देखने वाली संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की रिपोर्ट इसकी ओर इशारा कर रही है। DGCA ने टाटा समूह की एयरलाइन एअर इंडिया में कई बड़ी खामियां पकड़ी हैं। DGCA की ऑटिट में 100 गड़बड़ियां मिलीं है। इनमें 7 बेहद गंभीर जोखिम वाली गड़बड़ियां हैं।
सूत्रों के मुताबिक गड़बड़ियों में पायलटों और केबिन क्रू की ट्रेनिंग, उनके आराम और ड्यूटी के नियम और उड़ान भरने-उतरने से जुड़े मानकों में करीब 100 तरह की गड़बड़ियां शामिल हैं। इनमें से 7 गड़बड़ियां ‘लेवल-1’ की हैं। ये सबसे गंभीर सुरक्षा जोखिम हैं। एयरलाइन को इन्हें 30 जुलाई तक करना होगा। बाकी बाकी 44 खामियों को 23 अगस्त तक सुधारने को कहा गया है। हालांकि, अभी इन खामियों की लिस्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।एअर इंडिया ने एक बयान में इन ऑडिट नतीजों को स्वीकार किया है और कहा है कि वे तय समय के अंदर DGCA को अपना जवाब देंगे।
4 कारण बताओ नोटिस भेज चुका है DGCA
एअर इंडिया के गुरुग्राम में बने मुख्य सेंटर पर 1 से 4 जुलाई तक एक बड़ा ऑडिट हुआ था। इसमें फ्लाइट ऑपरेशन, शेड्यूल बनाने, रोस्टरिंग और कई दूसरे पहलुओं की जांच की गई थी। DGCA ने 23 जुलाई को एअर इंडिया को चार कारण बताओ नोटिस भेजे थे। ये केबिन क्रू के आराम और ड्यूटी नियमों, ट्रेनिंग रूल्स, और ऑपरेशनल प्रोसीजर के उल्लंघन को लेकर थे।इससे पहले 21 जून को DGCA ने चालक दल की शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग की जिम्मेदारी से जुड़े तीन अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए थे।
जुलाई की शुरुआत में AAIB की रिपोर्ट आई थी
बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अहमदाबाद विमान हादसे की जांच कर रहा है। AAIB ने इस महीने की शुरुआत में 15 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में बताया था कि एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के दोनों इंजनों में ईंधन की सप्लाई एक सेकेंड के अंतराल पर बंद हो गई थी। इससे कॉकपिट में पायलटों के बीच भ्रम पैदा हुआ और विमान उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही जमीन पर आ गिरा।
रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड के भीतर इंजनों के फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर चले गए। कॉकपिट की वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट को दूसरे से पूछते हुए सुना गया, ‘आपने क्यों बंद किया?’ दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया।


