NRI SANJH JALANDHAR (8 NOVEMBER)
सरकार ने अब सैटेलाइट से टोल वसूली का खाका तैयार कर लिया है। इसी साल फास्टैग गुजरे जमाने की बात होने वाला है। क्योंकि अब जो सिस्टम शुरू होने वाला है। उसमें आपके अकाउंट से सीधे प्रति किमी के हिसाब से टैक्स डिडेक्ट होगा. यानि ओवर टोल जैसी समस्या हमेसा के लिए खत्म हो जाएगी। जीएनएस के माध्यम से ही टोल संचालक के अकाउंट से पैसा काटा जाएगा। जिसका बाकायदा मैसेज भी पूरे डिस्क्रेप्शन के साथ आपके मोबाइल पर भेजा जाएगा।
दरअसल, टोल प्लाजा पर लगातार लंबी कतारों के साथ ओवर टोल की बड़ी समस्या सामने आ रही थी. जिसे लेकर सरकार काफी दिनों से रोडमैप बना रही थी। अब पूरी प्लानिंग के साथ ग्लोबल नेविगेशन सिस्टम को सभी हाईवेज पर लागू करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि इस साल के अंत तक यानि की अगले एक माह में ही हाईवेज से टोल प्लाजा खत्म करने की तैयारी चल रही है। हालांकि कुछ हाईवे पर तो जीएनएस सिस्टम से टोल वसूली शुरू हो गई है। साथ ही सरकार ने अब 20 किमी तक यानि लोकल लोगों को किसी की तरह के टोल टैक्स से छूट भी प्रदान की थी।
फिलहाल दोनों करेंगे काम
आपको बता दें कि फिलहाल फास्टैग और सैटेलाइट सिस्टम दोनों से टैक्स वसूली होगी। लेकिन कुछ ही दिनों में फास्टैग को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ ये सूचना मिल रही है। मंत्रालय की तरफ से नेशनल हाईवे फीस नियम, 2008 को संशोधित कर दिया गया है। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को भी शामिल किया गया था।
सैटेलाइट बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम आने के बाद किसी भी वाहन को एक सैकेंड के लिए भी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि आपका मीटर टोल रोड शुरू होते ही शुरू हो जाएगा। साथ ही प्रति किमी के हिसाब से जैसे ही आप टोल रोड समाप्त करेंगे आपके खाते में टैक्स सैटेलाइट माध्यम से काट लिया जाएगा। इसमें आप जितनी टोल रोड यूज करेंगे उतना ही पैसा आपके खाते से कटेगा।


