NRI SANJH JALANDHAR (11 February)
लुधियाना मे 13 फरवरी को दिल्ली कूच को लेकर भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल की मीटिंग सेक्रेटरी हरिंदर सिंह लक्खोवाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें 27 किसान यूनियन ने हिस्सा लिय। हरिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और किसान नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है और पकड़ा भी जा रहा है। वही हरियाणा सरकार ने दो दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है।

प्रशासन की ये धक्केशाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर प्रशासन की तरफ से 13 फरवरी को किसानों के ट्रैक्टर व उनके मार्च को दिल्ली जाने से रोका गया तो 16 फरवरी को पूरे भारत में रेल सेवाएं, बस व हाईवें जाम कर दिए जाएगें। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
मीटिंग के दौरान हरिंदर सिंह ने कहा कि 13 फरवरी को टोल प्लाजा पूरी तरह से फ्री करवा दिए जाएगें। क्योंकि किसानों ने दिल्ली कूच करना है और हजारों की संख्या में किसान अपने वाहनों से रवाना होगें। इसी के साथ मीटिंग में ये भी कहा गया है कि उस दिन स्कूल बसों, एंबुलेंस, शादी समारोह में हिस्सा लेने जाने वाली गाड़ियों को बिल्कुल भी नहीं रोका जाएगा।

अगर उसके बावजूद भी अगर जनता को परेशानी होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। किसान यूनियन के सदस्यों ने कहा कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियो को सरकार के नाम मांग पत्र दे चुके हैं। लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। जिस कारण किसानो को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
पुरानी मांगों को लेकर ही कर रहे किसान प्रदर्शन
हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि 16 फरवरी को सुबह 12 से शाम 4 बजे तक शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले पंजाब सरकार के साथ भी बैठक की गई थी। उसमें सरकार ने करीब 10 से 12 मांगें मान ली थीं। लेकिन प्रदेश सरकार किसानों को फाइलों के चक्करों में उलझाती रही। किसान आंदोलन में करीब 750 किसानों की मौत हो गई थी।

उनमें से करीब 350 परिवारों को नौकरी मिली है। लेकिन बाकी के किसानो को कोई मुआवजा नहीं दिया गया और न ही कोई नौकरी। आज भी 400 लोग खेतीबाड़ी मंत्री के घर के बाहर धरना लगाए बैठे हैं। प्रदेश सरकार बिजली के बिलों पर राहत नहीं दे रही, जंगली जानवरों से खेतों की रक्षा नहीं हो रही।
उन्होंने कहा 5 जत्थेबंदियां 13 फरवरी को दिल्ली कूच कर रही हैं। इनमें से 27 जत्थेबंदियां 16 फरवरी को देश बंद करेंगी। हमारी कोशिश थी कि साझा तौर पर दिल्ली कूच किया जाए लेकिन 5 जत्थेबंदियों ने अपना फैसला पहले ले लिया। सरकार ने यदि 13 फरवरी को दिल्ली कूच कर रहे किसानों के साथ धक्केशाही करने की कोशिश की तो समस्त 27 जत्थेबंदियां भी उनके पीछे दिल्ली कूच कर जाएंगी। वहीं 12 फरवरी को दिल्ली कूच करने वाली 5 जत्थेबंदियों की सरकार के साथ मीटिंग है। यदि उनकी मांगें उसी दिन मान ली जाती हैं तो वह भारत बंद के प्रोग्राम को रद्द कर देंगे।

पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच काे देखते हुए लेकर केंद्र सरकार 13 फरवरी से पहले नाराज किसानों को मनाने की अंतिम कोशिश करने जा रही है। सेंट्रल कोऑर्डिनेशन 12 फरवरी को बातचीत का न्योता भेजा है। ये न्योता संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी को दिया है। दूसरी तरफ किसान हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों से गुस्से में हैं।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने SKM व किसान मजदूर संघर्ष कमेटी को बातचीत का न्योता दिया है। किसानों ने देर रात पंजाब सरकार के उच्चाधिकारियों से इस पर बातचीत भी की और बैठक में जाने का फैसला कर लिया है।
ये बैठक 12 फरवरी शाम 5 बजे महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब सेटर 26 में ही होगी। अनुमान है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस बैठक का हिस्सा बनेंगे।


