पंजाब विधान सभा द्वारा श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र चरण-छुह प्राप्त धरती श्री करतारपुर साहिब के लिए कॉरिडोर को संगत के लिए दोबारा खोलने की मांग की गई। इस संबंध में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रस्ताव पेश किया।प्रस्ताव पेश करते हुए बैंस ने कहा कि कॉरिडोर का खुला रहना धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय एकता और पंजाब की साझा विरासत के सम्मान से जुड़ा हुआ मुद्दा है।
सदन द्वारा भारत सरकार से अपील की गई कि श्री करतारपुर साहिब के कॉरिडोर को निर्विघ्न और नियमित रूप से खुला रखा जाए तथा इसे दोबारा खोलने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। पाकिस्तान सरकार के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करके कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और निर्विघ्न आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए लागू प्रक्रिया को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार सरल बनाया जाए और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर देने के लिए उपयुक्त प्रयास किए जाएं।दुनिया भर में बसने वाली सिख संगत और श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं में विश्वास रखने वाले अन्य श्रद्धालुओं की
भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस पवित्र कॉरिडोर को धार्मिक आस्था, शांति और मानवीय एकता के प्रतीक के रूप में निरंतर चालू रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए। सदन द्वारा विश्वास व्यक्त किया गया कि श्री करतारपुर साहिब का कॉरिडोर संगत की आस्था का सम्मान करने के साथ-साथ पंजाब की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े लोगों की भावनाओं को भी मजबूत करेगा।


