नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष के दौरान पंजाब सरकार ने एक्शन कमेटी से बातचीत का रास्ता खोलने के लिए पहल की है। सरकार की ओर से एक्शन कमेटी से संपर्क स्थापित करने के लिए तीन महिला आईएएस अधिकारियों की समिति बनाई गई है।
इसके बाद आज दोनों पक्षों के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।इस तीन सदस्यीय समिति में 2007 बैच की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़, 2011 बैच की आईएएस अधिकारी अपनीत रियात और मानसा की डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर शामिल हैं। कंवलप्रीत कौर बराड़ इस समय फरीदकोट रेंज के कमिश्नर के रूप में सेवाएं निभा रही हैं,
जबकि अपनीत रियात पहले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान मानसा की डिप्टी कमिश्नर रह चुकी है। उनका ससुराल भी मानसा जिले के गांव दातेवास में रहता है।एक्शन कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ नहीं मिलता, तब तक उनके शव का न तो पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।बता दें कि 13 अक्तूबर को अश्वनी कुमार द्वारा अपने मेडिकल स्टोर पर नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में इंसाफ की मांग को लेकर मानसा में जन संगठन आधारित एक्शन कमेटी के नेतृत्व में पिछले छह दिनों से संघर्ष जारी है। अब सरकार की ओर से बातचीत के लिए की गई पहल से इस मामले के समाधान की उम्मीदें जगी हैं।


