1 अक्टूबर 2026 से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया था. यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकने, फर्जी कनेक्शनों को खत्म करने और गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगाम कसने में मदद मिले. अब यह मामला कोर्ट पहुंच चुका है।दरअसल, 75% तक विजुअली चैलेंज्ड वकील पुलकित लूथरा ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कराई है.
चूंकि आधार वेरिफिकेशन के सरकार के नए नियम के तहत आईरिस (आंखों की पुतली) और फिंगरप्रिंट स्कैन होना जरूरी है इसलिए उनका ऐसा कहना है कि यह नियम दृष्टिबाधित लोगों व साथ-साथ गंभीर रूप से बीमार या बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी बात है।बेशक सरकार के इस कदम का मकसद सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है,
लेकिन यह भी चिंता जताई गई है कि क्या सभी एलपीजी उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के प्रमाणीकरण की इस प्रक्रिया को पूरी कर पाएंगे. इसे लेकर कोर्ट ने केंद्र सरकार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) और सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) से दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिए कहा है।
मामले की अगली सुनवाई अब 18 नवंबर को होगी।आज 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने घरेलू व 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसी के साथ दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,810 रुपये है।


