पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) के एरियर से जुड़े एक मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा के खिलाफ क्रिमिनल डिफेमेशन की कार्रवाई शुरू करने के मामले में सरकार से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान पंजाब के चीफ सेक्रेटरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। जस्टिस विनोद भारद्वाज की कोर्ट ने उनसे सुप्रीम कोर्ट में फाइल की गई स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) के स्टेटस के बारे में पूछा।पिटीशनर्स की ओर से पेश हुए एडवोकेट चेतन मित्तल ने दलील दी कि पंजाब के करीब 8 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स अपने एरियर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
चीफ सेक्रेटरी ने कोर्ट को बताया कि उन्हें एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड से पिटीशन के स्टेटस के बारे में जानकारी लेनी होगी, जिसके बाद वह एफिडेविट फाइल करेंगे। उन्होंने क्रिमिनल डिफेमेशन की कार्रवाई के बारे में जवाब फाइल करने के लिए और समय भी मांगा।
यह मामला पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) के एरियर के पेमेंट से जुड़ी न्यायिक कार्रवाई के दौरान फाइल किए गए एफिडेविट और सुप्रीम कोर्ट में फाइल की गई अपील के स्टेटस से जुड़ा है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को 30 अक्टूबर या उससे पहले अपना जवाब फाइल करने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुए थे। मामले में चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ कंटेम्प्ट प्रोसिडिंग का मुद्दा भी उठाया गया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर वकील विकास सिंह ने वहां कहा था कि चीफ सेक्रेटरी का कोर्ट को गुमराह करने का कोई इरादा नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोर्ट चाहे तो चीफ सेक्रेटरी बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं।आज कोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई से एक हफ्ते पहले अपना डिटेल्ड जवाब फाइल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर, 2026 को होगी। अब कर्मचारियों और पेंशनर्स की नज़रें सरकार के जवाब और कोर्ट की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।


