Wednesday, October 7, 2026

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप विनिंग कैप्टन हरमनप्रीत कौर कैप्टनशिप छोड़ने का फ़ैसला किया

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप विनिंग कैप्टन हरमनप्रीत कौर ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने आज तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कैप्टनशिप छोड़ने का ऐलान किया। सोशल मीडिया पर एक इमोशनल मैसेज शेयर करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब वह एक प्लेयर के तौर पर आगे बढ़ना चाहती हैं।

अपने मैसेज में हरमनप्रीत ने लिखा, “आज मैं सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कैप्टनशिप छोड़ रही हूं। यह कोई आसान फैसला नहीं है। यह अपने साथ सालों की यादें, इमोशन, त्याग और ऐसे पल लेकर आई है जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।” 37 साल की हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 ODI और 155 T20 इंटरनेशनल मैचों में भारत की कैप्टनशिप की है।

कैप्टन के तौर पर उनका आखिरी काम पिछले महीने निशिन में भारतीय टीम को लगातार दूसरा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल दिलाना था। हरमनप्रीत ने कप्तानी छोड़ने का फैसला तब किया जब वह गुवाहाटी में BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया के साथ भारतीय महिला टीम की वाइस-कैप्टन स्मृति मंधाना और हेड कोच अमोल मजूमदार से मिलीं और भारतीय महिला टीम के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की।

हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। कई मौकों पर, उन्होंने टीम के लिए अपने पर्सनल परफॉर्मेंस, डेवलपमेंट और पर्सनल इच्छाओं को किनारे रख दिया। उन्होंने लिखा, “मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना खून, पसीना और समय दिया है।

कई बार, मैंने अपने खेल का एक हिस्सा और यहां तक कि पर्सनल इच्छाओं को भी किनारे रख दिया क्योंकि मेरा मानना था कि टीम पहले आती है।” उन्होंने कप्तान के तौर पर लिए गए फैसलों को लेकर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। हरमनप्रीत ने कहा कि कई फैसले मुश्किल थे और हमेशा समझ में नहीं आते थे, लेकिन उनका एक ही मकसद था – टीम को बेहतर बनाना और दूसरे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना।

हरमनप्रीत ने भारतीय टीम के साथ अपने सफर के उतार-चढ़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने निराशा, दिल टूटना, आलोचना और मुश्किल समय देखा है, लेकिन जीत, जश्न और अपने देश को रिप्रेजेंट करने का गर्व भी देखा है। उन्होंने लिखा, “मैंने सबसे बुरा समय देखा है, दिल टूटना, बुराई और शक। मैंने सबसे अच्छे पल भी देखे हैं, जीत, जश्न और अपने देश को रिप्रेजेंट करने का गर्व।” वर्ल्ड कप जीतने के बाद कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि अब उन्हें लगता है कि टीम सही रास्ते पर है।

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