पूर्व मंत्री और मौजूदा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के पिता, भगत चुन्नी लाल का निधन हो गया है। उन्होंने जालंधर स्थित अपने घर पर 93 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। भगत चुन्नी लाल लंबे समय से जालंधर वेस्ट की राजनीति में सक्रिय थे और इलाके के एक प्रमुख राजनीतिक नेता के तौर पर जाने जाते थे। अकाली-बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंजाब सरकार में वन और वन्यजीव तथा श्रम मंत्री के तौर पर काम किया।
इसके अलावा, वे बीजेपी के टिकट पर तीन बार जालंधर से विधायक चुने गए। भगत चुन्नी लाल का जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था। उनके पिता का नाम महांगा राम और मां का नाम रुक्मणी देवी था। उन्होंने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार जालंधर में बस गया।
उनके निधन की खबर मिलने पर राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्रों की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। बीजेपी नेता शीतल अंगुराल ने भी भगत चुन्नी लाल के निधन पर गहरा दुख जताया और फेसबुक पोस्ट के जरिए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।अपने राजनीतिक करियर के दौरान भगत चुन्नी लाल कई अहम पदों पर रहे। 2011 में सतपाल गोसाईं के इस्तीफे के बाद, उन्हें पंजाब विधानसभा का डिप्टी स्पीकर चुना गया।
2012 से 2017 तक, उन्होंने प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय सरकार, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान, श्रम और वन एवं वन्यजीव विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 2012 से 2017 तक पंजाब विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता के तौर पर भी काम किया। बाद में, उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया।


