एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर पंजाब पुलिस को तीसरी बार चिट्ठी लिखी है। ED का कहना है कि पंजाब पुलिस को इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करनी चाहिए और 3 सितंबर को हाई कोर्ट में सुनवाई से पहले FIR की कॉपी ED को देनी चाहिए। ED को डर है कि अगर पुलिस केस दर्ज करने में देरी करती है, तो इससे जुड़े सबूत नष्ट किए जा सकते हैं या उनसे छेड़छाड़ हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, पिछली चिट्ठी में पंजाब पुलिस ने केस दर्ज करने से पहले ED के एक अधिकृत अधिकारी की तैनाती और सबूतों से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की मांग की थी। इसके बाद, केंद्रीय एजेंसी ने 7 अगस्त को ईमेल भेजकर जानकारी साझा की थी। ED का कहना है कि जानकारी साझा किए हुए 30 दिन से ज़्यादा हो चुके हैं और इस चरण में किसी और शुरुआती जांच की ज़रूरत नहीं है।
ED ने सुप्रीम कोर्ट के विजय मदनलाल चौधरी और ललिता कुमारी फैसलों का हवाला दिया है कि गंभीर अपराधों की जानकारी मिलने पर पुलिस के लिए FIR दर्ज करना अनिवार्य है। गौरतलब है कि इससे पहले ED ने पंजाब DGP को 9 पेज की चिट्ठी भेजी थी, जिसमें 61 मामलों का ज़िक्र था। इस चिट्ठी में 23 अधिकारियों और 4 निजी बिचौलियों का ज़िक्र था। अब यह ED की ओर से पंजाब पुलिस को लिखी गई तीसरी चिट्ठी है।


