रिज़र्व बैंक ने एक बार फिर ब्याज दरों, यानी रेपो रेट को बिना बदले रखने का ऐलान किया है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक सोमवार, 3 अगस्त को शुरू हुई थी और आज गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमिटी ने रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।
रेपो रेट में इस फैसले का आपके लोन की किस्तों या EMI पर कोई असर नहीं पड़ेगा।इससे पहले, सेंट्रल बैंक ने जून 2026, अप्रैल 2026 और फरवरी 2026 की MPC बैठकों में भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। रेपो रेट में आखिरी बदलाव दिसंबर 2025 की RBI MPC बैठक में किया गया था, जब इसे 5.5% से घटाकर 5.25% कर दिया गया था। रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI कमर्शियल बैंकों को लोन देता है।
रेपो रेट को न बदलने का फैसला उन लाखों लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत होगी जिन्होंने होम लोन, कार लोन या फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट वाले दूसरे लोन लिए हैं। रेपो रेट में बढ़ोतरी न होने से उनकी मंथली EMI फिलहाल नहीं बढ़ेगी, जिससे घर के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। गवर्नर मल्होत्रा ने बैठक में कहा कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है।
वेस्ट एशिया में नए तनाव, ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव और अल-नीनो की वजह से जोखिम बने हुए हैं। खाने-पीने की चीज़ों और ईंधन की कीमतों ने महंगाई बढ़ाई है, लेकिन यह दबाव हर जगह नहीं है। रिटेल महंगाई दर में जल्द ही बढ़ोतरी होगी और फिर तीसरी तिमाही में अपने पीक पर पहुंचने के बाद इसमें कमी आएगी।


