Saturday, May 23, 2026

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पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान में हत्या

पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड माने जाने वाले हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हत्या कर दी गई है. मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हमजा बुरहान अल-बदर आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ था और सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं. उसकी मौत को पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।जानकारी के अनुसार, पीओके के मुजफ्फराबाद इलाके में हमजा बुरहान पर अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला कर दिया. हमलावरों ने उस पर कई राउंड फायरिंग की. गोलियों से छलनी होने के बाद उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके पिता का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमजा ने खुद आतंक का रास्ता चुना था और परिवार को उसकी वजह से काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं. पिता के मुताबिक, हमजा पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान गया था और उसने एमबीबीएस करने की बात कही थी, लेकिन वहां जाकर वह आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़ा. उन्होंने कहा कि “अच्छा हुआ वह मारा गया.”

हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों से जुड़ा रहा है. भारत सरकार ने साल 2022 में उसे आतंकवादी घोषित किया था. सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उसका पूरा नाम अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर था. वह पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था और अल-बदर आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य था. उस समय उसकी उम्र करीब 23 से 24 साल बताई गई थी।हमजा बुरहान पुलवामा जिले के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था. उसे “डॉक्टर” के नाम से भी जाना जाता था. साल 2017 में वह उच्च शिक्षा और एमबीबीएस की पढ़ाई के बहाने पाकिस्तान गया था, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बदर में शामिल हो गया. कुछ ही समय में उसने संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बना ली और कमांडर बन गयाआतंकी संगठन से जुड़ने के बाद हमजा बुरहान कश्मीर लौटा और दक्षिण कश्मीर में अपना नेटवर्क खड़ा किया. उस पर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और उन्हें आतंकी संगठनों में भर्ती कराने के आरोप थे। पुलवामा से लेकर शोपियां तक उसका नेटवर्क सक्रिय बताया जाता था।14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेथपोरा इलाके में विस्फोटकों से भरे वाहन से आत्मघाती हमला किया गया था. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी और आत्मघाती हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी।

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