उत्तराखंड करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब की 2026 की सालाना तीर्थयात्रा आज से शुरू हो गई है। पंज प्यारों के नेतृत्व में गुरुद्वारा श्री ऋषिकेश से पहला जत्था निकल चुका है।खालसा परंपराओं के अनुसार 23 मई को गुरुद्वारा साहिब के कपाट संगत के लिए खोल दिए जाएंगे। भारतीय सेना ने गुरुद्वारा साहिब के आस-पास और सड़कों से बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया है।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रधान नरिंदरजीत सिंह बिंद्रा ने बताया था कि यह तीर्थयात्रा पंज प्यारों के नेतृत्व में पहला जत्था ऋषिकेश से निकला। इस संबंध में ट्रस्ट ने गुरुद्वारा ऋषिकेश में एक बड़ा इवेंट रखा है।जानकारी के मुताबिक, यह इवेंट सुबह 10:00 बजे शुरू होगा और इस मौके पर ट्रस्ट सिख विरासत पर दो किताबें ऑफिशियली रिलीज करेगा। यह किताबें श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक और एतिहासिक नॉलेज को बढ़ाने के मकसद से तैयार की गई है।


