सुखा काहलवां मर्डर केस के मुख्य गवाह गोपी निज्जर की हत्या के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। शूटर प्रभजोत सिंह गोपी निज्जर को मारने के लिए मलेशिया से आया था। उसे गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए भेजा था।यह खुलासा गुरदासपुर के रहने वाले शूटर प्रभजोत सिंह और तरनतारन के रहने वाले जोबनप्रीत ने किया है, जिन्हें सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे एक पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा, तरनतारन के रहने वाले अजय पाल ने ही जोबनप्रीत को इन गैंगस्टरों से मिलवाया था। जोबनप्रीत से वादा किया गया था कि हत्या के बाद उसे विदेश में बसा दिया जाएगा।गिरफ्तार किए गए तीनों गैंगस्टर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए मोहब्बत रंधावा और डोनी बल के संपर्क में थे। विदेश में रह रहे इन गैंगस्टरों के इशारे पर ही, गैंगस्टर सुखा कहलवां मर्डर केस के आखिरी गवाह गुरप्रीत उर्फ गोपी निज्जर की 30 अप्रैल की सुबह कपूरथला में हत्या कर दी गई थी।
प्रभजोत सिंह और जोबनप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी। बाद में, पुलिस ने गौरव उर्फ गोला को भी गिरफ्तार कर लिया। अजय इस साज़िश में शामिल लोगों में से एक था और उसने ही हथियार मुहैया कराए थे।गुरदासपुर के बटाला तहसील के पुराना गांव का रहने वाला प्रभजोत सिंह फरवरी में मलेशिया से भारत आया था।
मलेशिया में उसकी मुलाकात तरनतारन के दिनेवाल गांव के रहने वाले अर्शदीप से हुई, जिसने उसे गैंगस्टर मोहब्बत रंधावा और डोनी बल से मिलवाया। वह गुरप्रीत उर्फ गोपी निज्जर की हत्या में शामिल था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, 3 कारतूस और एक खाली कारतूस बरामद किया है।


