मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। पेट्रेल- डीजल से लेकर गैस सिलेंडर तक की किल्लत से लोग परेशान है।अब इन हालातों को देखते हुए सरकार ने अपना मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इस बारे में खुद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में बताया है।
मंत्रालय ने बताया है कि गैस की किल्लत से बचने के लिए अब PNG की पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।एएनआई के मुताबिक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आदेश दिया है कि PNG पाइप बिछाने के लिए फ्रेमवर्क तैयार किया जाए। मंत्रालय ने बताया है कि, ‘इस आदेश से पीएनजी नेटवर्क के विकास में तेजी आने, आखिरी-माइल कनेक्टिविटी में सुधार होने और साफ ईंधन की ओर ट्रांजीशन को समर्थन मिलने की उम्मीद है,
जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की गैस-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।’इस समय की भोगौलिक स्थित को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने कई उपाय किए है। मंत्रालय ने कहा है कि, ‘एलपीजी वितरकों में आपूर्ति की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और इंडस्ट्रीज में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग बढ़कर लगभग 98 प्रतिशत हो गई है।
फिलहाल अवैध आपूर्ति को रोकने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DCA) आधारित डिलीवरी लगभग 93% तक बढ़ा दी गई है. इस बारे में मंत्रालय ने बताया कि, ‘घरेलू एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी सामान्य बनी हुई है। सरकार ने ये भी बताया कि कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं, जिसमें कुल आवंटन को संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70% तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 10% सुधार-संबंधित आवंटन शामिल है।


