श्री आनंदपुर साहिब में मनाए जा रहे तीन दिवसीय वार्षिक राष्ट्रीय त्योहार होला मोहल्ले पर देश-विदेश से यहां पहुंची संगतें गुरु घरों में नतमस्तक हुई और पवित्र सरोवर में इश्नान किया। सुबह से ही तख्त श्री केसगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब, गुरुद्वारा गुरु के महल भोरा साहिब, गुरुद्वारा बाबा संगत सिंह जी, गुरुद्वारा किला
फतेहगढ़ साहिब तथा अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबानों में नतमस्तक होने के लिए संगतें लाइनों में खड़ी होकर इंतजार कर रही थी।तख्त श्री केसगढ़ साहिब में लगातार धार्मिक दिवान चल रहे हैं, जिनमें सिख कौम के महान कीर्तन जत्थों, ढाडी जत्थों, प्रसिद्ध कथावाचकों और कवीशरी जत्थों द्वारा गुरबानी, कथा, कीर्तन के माध्यम से संगतों को निहाल किया जा रहा है।
समूह गुरुद्वारों साहिबानों में जहां शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा संगतों के लिए गुरु का लंगर अटूट चल रहा है, वहीं बाहर से आई संगतों द्वारा हर साल की तरह करीब 100 लंगर शहर की विभिन्न जगहों पर लगाए गए हैं, खालसा एड के सेवादारों द्वारा शहर में कई जगहों पर संगतों के लिए बोतलों और गिलासों वाला पानी की सेवा निभाई जा रही है।


