कांग्रेस से निकाले जाने के बाद डा. नवजोत कौर सिद्धू ने गांधी पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जनता के सामने धार्मिक ग्रंथों का हवाला तो देते हैं, लेकिन उन्हें इनकी असल समझ नहीं है।सोशल मीडिया पर पोस्ट में डा. सिद्धू ने कहा कि भले ही बहुत से लोग पवित्र ग्रंथों को पढ़ने का दावा करते हों, लेकिन असल जिंदगी में उनकी शिक्षाओं पर चलना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।
उन्होंने लिखा, “गुरु ग्रंथ साहिब पढ़ने में सबसे आसान ग्रंथ है लेकिन इसका पालन करना सबसे मुश्किल है।” इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की ‘मूल मंत्र’ के बारे में समझ पर भी सवाल खड़े किए।गुरु ग्रंथ साहिब जी, भगवद्गीता और उपनिषदों की शिक्षाओं का हवाला देते हुए डा. सिद्धू ने कहा कि आस्था को सिर्फ प्रतीकों या जनता के सामने दिखावे तक सीमित नहीं करना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी को अमृतसर आने का न्योता दिया और उन्हें ग्रंथों तथा जमीनी हकीकतों से जुड़े “मौलिक सवालों” पर सीधी जनता के सामने बहस करने की चुनौती दी।उन्होंने कांग्रेस लीडरशिप पर भी इल्जाम लगाया कि राहुल गांधी लोगों के मुद्दों से कटे हुए हैं। उन्होंने कहा, “तुम अपनी बनाई हुई काल्पनिक दुनिया (पैराडाइज) में रहना पसंद करते हो और तुम्हारे पास जमीनी हकीकतों को सुनने के लिए न समय है और न ही कान।”
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए डा. सिद्धू ने बताया कि भाजपा ने आंतरिक सर्वेक्षणों के माध्यम से उनकी क्षमता को पहचाना था और 2012 में जब वे डॉक्टर के तौर पर सेवाएं निभा रहे थे, तो उन्हें विधायक की टिकट की पेशकश की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता लोक सेवा और पंजाब की भलाई है और वे सक्रिय राजनीति के बिना भी राज्य के लिए काम कर सकते है।



