नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गैर-कानूनी जगहों पर कचरा डंप करने के लिए सरहिंद म्युनिसिपल काउंसिल को कड़ी फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल ने पर्यावरण नियमों को लागू करने में नाकाम रहने के लिए पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB) को भी फटकार लगाई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, PPCB की मंज़ूरी के बिना सरहिंद में हंसला नदी के दोनों किनारों पर कचरा डंप किया जा रहा था, जो ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016’ का सीधा उल्लंघन है। मामले की सुनवाई के दौरान, काउंसिल ने फतेहगढ़ साहिब-बस्सी पठाना इलाके में एक और नई गैर-कानूनी डंपिंग साइट बना दी,
जिसके लिए PPCB ने कोई ‘NOC’ नहीं दी थी।रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलाई 2020 से सितंबर 2025 के बीच हुए नियमों के उल्लंघन के लिए नगर निगम पर 1.23 करोड़ रुपये का पर्यावरण हर्जाना (जुर्माना) लगाया गया है।
इतना ही नहीं, ट्रिब्यूनल ने PPCB के मेंबर सेक्रेटरी और सरहिंद नगर निगम के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (EO) को 27 अप्रैल, 2026 को खुद पेश होने का भी आदेश दिया है। NGT ने काउंसिल के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि 31 मार्च, 2026 तक कचरा साफ कर दिया जाएगा। ट्रिब्यूनल के मुताबिक, जब तक ग्राउंड लेवल पर कार्रवाई नहीं की जाती, ऐसे बयानों का कोई मतलब नहीं है।


