Wednesday, February 4, 2026
Google search engine
Homeइंटरनेशनलभारत–EU समझौते के बाद अमेरिका के तेवर सख्त !

भारत–EU समझौते के बाद अमेरिका के तेवर सख्त !

भारत–EU समझौते के बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया काफी सख्त रही है। ट्रंप प्रशासन के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने साफ कहा है कि भारत को अमेरिका की ओर से टैरिफ में फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली है। फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में ग्रीर ने कहा कि रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई है।

उनके मुताबिक भारत ने रूसी तेल की खरीद में कुछ कमी जरूर की है, लेकिन पूरी तरह इससे अलग होना अभी संभव नहीं है। ग्रीर ने कहा कि रूस से मिलने वाला सस्ता तेल भारत के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है और इसी वजह से भारत के लिए इस सप्लाई को तुरंत छोड़ना आसान नहीं है।भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है।

इस ऐतिहासिक करार को मदर ऑफ ऑल डील नाम दिया गया है।यह समझौता दो ऐसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हुआ है, जिनकी संयुक्त हिस्सेदारी दुनिया की कुल अर्थव्यवस्था में लगभग 25 प्रतिशत है। नई दिल्ली में हुए इस समझौते को भारत के लिए आर्थिक ही नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक स्तर पर भी बड़ी सफलता माना जा रहा है।यह डील ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की है।

ऐसे माहौल में भारत का यूरोपीय संघ के साथ इतना बड़ा समझौता करना यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक मंच पर अपने विकल्प खुद तय कर रहा है। इस करार के बाद अमेरिका में बेचैनी साफ तौर पर देखी जा रही है।भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते पर कई वर्षों से बातचीत चल रही थी। इस समझौते से भारत को यूरोपीय बाजारों तक बेहतर एक्सेस मिलेगा, जिससे निर्यात बढ़ने, विदेशी निवेश आने और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments