श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व आंतरिक ऑडिटर सतिंदर सिंह कोहली को गिरफ्तार कर लिया है। कोहली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के ऑडिट से संबंधित कार्य भी देखते रहे हैं।
श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के गबन मामले में पुलिस द्वारा यह पहली गिरफ्तारी की गई है। यहां यह विशेष रूप से बताने योग्य है कि अमृतसर पुलिस ने सतिंदर सिंह समेत 16 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।सतिंदर सिंह कोहली पूर्व उप मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के निकटवर्ती भी रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार सतिंदर सिंह कोहली की गिरफ्तारी 328 पवित्र स्वरूप मामले में हुई है। कोहली की गिरफ्तारी चंडीगढ़ के एक होटल से की गई है। अब जब इस मामले में पहली गिरफ्तारी हुई है तो उम्मीद है कि जांच के बाद इस मामले में अन्य महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस द्वारा एस.आई.टी. का गठन किया गया है और अब पूरे मामले की पुलिस द्वारा तेजी से जांच की जा रही है।गुरू ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के गुम होने का मामला साल 2020 में पहली बार लोगों के सामने आया।
हालांकि जब यह मामला सामने आया था तब 267 गुरू ग्रंथ साहिब के स्वरूप लापता (जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं) होने की बात की गई थी लेकिन बाद में अकाल तख्त द्वारा गठित जांच कमेटी ने लापता (जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं) हुए स्वरूपों की संख्या 328 बताई।इसमें शिरोमणि कमेटी के 16 पूर्व कर्मचारियों को नामजद किया गया,
जिनमें पूर्व मुख्य सचिव रूप सिंह, पूर्व सचिव मनजीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह, निशान सिंह, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जुझार सिंह, बाज सिंह, दलवीर सिंह, कमलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह और अमरजीत सिंह शामिल हैं।
एफआईआर में बेअदबी (295-A), धोखाधड़ी और साजिश जैसी धाराओं को शामिल किया गया।यह घटना 1 जनवरी 2026 की है, जहां पंजाब पुलिस ने इस पुराने मामले (2020 से) में पहली गिरफ्तारी की है। मामला रिकॉर्ड में अनियमितताओं और संभावित गबन से संबंधित है, जिसकी जांच एसआईटी कर रही है।


