गुरू हरिगोबिंद थर्मल प्लांट के ठेका मुलाज़िमों ने प्लांट के मुख्य गेट पर रोष रैली करने उपरांत बठिंडा थर्मल कॉलोनी की ज़मीन बेचने के नोटीफिकेशन की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शनकारियो ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा साम्राज्यी देशों के निर्देशों तहत निजीकरण की नीतियों को लागू करने के लिए बिजली एक्ट 2003 में लगातार संशोधन करते हुए अब ‘बिजली संशोधन बिल 2025’ को पास करके बिजली क्षेत्र का पूर्ण रूप से निजीकरण करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
पंजाब सरकार द्वारा बठिंडा थर्मल कॉलोनी समेत पावर कॉर्पोरेशन की अन्य ज़मीनें बेचने के फैसले भी इसी नीति तहत ही किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि साम्राज्यी दिशा निर्देशित नीतियों को लागू करते हुए केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा सुधारों के झूठे ऐलान तहत कॉर्पोरेट घरानों द्वारा पहले की जा रही लूट में वृद्धि करने के लिए सरकारी विभागों का लगातार निजीकरण किया जा रहा है।
लोक विरोधी निजीकरण की इस नीति को लागू करने के लिए सभी एकमत हैं। उन्होंने पंजाब के समूह किसानों, मज़दूरों और रेगुलर/पेंशनर/ठेका मुलाज़िमों और अन्य संघर्षशील तबकों को पुरज़ोर अपील करते हुए कहा कि निजीकरण के इस तबाहकुन हमले के विरुद्ध विशाल सांझे संघर्ष की तैयारियां में जुटने की ज़रूरत है क्योंकि केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा पिछले दिनों से जिस किस्म के फैसले लिए जा रहे है,
उनसे स्पष्ट है कि वे कॉर्पोरेट घरानों की सेवा के लिए जल्दी ही पावर कॉर्पोरेशन समेत अन्य समूह सरकारी संस्थानों का पूर्ण रूप से निजीकरण करना तय है!यह विरोध प्रदर्शन हाल ही में पंजाब सरकार के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें बठिंडा की गुरु नानक देव थर्मल प्लांट की कॉलोनी की लगभग 165 एकड़ ज़मीन को व्यावसायिक उपयोग के लिए PUDA को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई है। केंद्र का बिजली (संशोधन) बिल 2025 भी वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और निजी कंपनियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव करता है।


