गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में वंदे मातरम् पर जब बोल रहे थे तो उनकी कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बहस हो गई। अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वंदे मातरम् को दो टुकड़े किए जिसके कारण बाद में विभाजन हुआ।उनके इस बयान के बाद खरगे खड़े होकर कुछ कहने लगे।
तब सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें बैठने के लिए कहा। सभापति ने कहा कि खरगे जी आपको बोलने का मौका मिलेगा. आप बैठ जाइए।खरगे इस दौरान लगातार कुछ बोल रहे थे। तब सत्ता पक्ष की तरफ से भी शोरशराबा शुरू हो गया। अमित शाह ने बीच में बोला कि खरगे साहब आपका समय आएगा ।उन्होंने कहा कि आपको बहुत समय मिला है।आप अपने समय पर बोले न।इसके बाद सभापति ने भी कहा कि खरगे जी आपको मौका मिलेगा।
कृपया गृह मंत्री को बोलने दें।शाह ने कहा कि कांग्रेस के सांसद वंदे मातरम् पर बहस को लेकर सवाल उठा रहे है। वो इसे एक मुद्दे से ध्यान भटकाने का राजनीतिक रणनीति बता रहे है। उन्होंने कहा कि कोई भी इस मुद्दे पर बहस से नहीं भाग रहा है। हम संसद का बहिष्कार नहीं करते है। अगर वो बहस करना चाहते हैं तो उन्हें संसद का बहिष्कार करना रोकना चाहिए और सभी बहस होंगी।
हम कोई चीज छिपा नहीं रहे है। हम किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है। उनका वंदे मातरम पर बहस से भागना कोई नई बात नहीं है। भारत तो तब आजाद भी नहीं हुआ था जब वंदे मातरम के 50 साल हुए थे। जब वंदे मातरम को गोल्डन जुबली होना था तब जवाहर लाल नेहरू ने इसे दो छंदों तक सीमित कर दिया था।


