पंजाब सरकार ने ग्रामीण विकास को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब पंजाब सरकार ने अब सभी सरपंचों और पंचों के लिए नई नीति बनाई है, जिसमें उन्हें विदेश यात्रा और पंचों के लिए नई नीति बनाई है, जिसमें उन्हें विदेश यात्रा करने से पहले सरकारी अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। यह नई नीति 12 नवंबर 2025 को लागू हो गई है, जिसके तहत ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने सभी अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नरो और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश जारी किए है।
सरपंच और पंच अब बिना ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) की मंजूरी के विदेश नहीं जा सकेंगे। यह प्रक्रिया सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू “एक्स-इंडिया लीव” (विदेश यात्रा अवकाश) की तरह ही होगी। आवेदन प्रस्तावित यात्रा से कम से कम एक महीने पहले जमा करना होगा।
यदि कोई सरपंच या पंच बिना अनुमति के विदेश जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पद से हटाना या अन्य दंड शामिल हो सकते हैं।सरपंच के विदेश जाने पर पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 20(5) के तहत किसी पंच को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त किया जाएगा, ताकि गांव के विकास प्रोजेक्ट रुके नहीं।
पंजाब में कुल 13,238 सरपंच और 83,437 पंचायत सदस्य हैं। अक्सर देखा जाता है कि कई सरपंचों और पंचों के परिवार विदेश में बसे होने के कारण वे बार-बार विदेश जाते रहते है। इससे गांवों के विकास कार्य, जैसे सड़क निर्माण, जल आपूर्ति और अन्य योजनाएं प्रभावित होती हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।


