पंजाब सरकार की दिवाली बंपर लॉटरी 2025 में 11 करोड़ रुपये का पहला इनाम जयपुर के एक सब्जी विक्रेता अमित सहारा ने जीता है। यह जीत न सिर्फ उनकी जिंदगी को नया मोड़ देगी, बल्कि उनके नेक दिल वाले फैसले ने हर किसी का दिल जीत लिया है।अमित सहारा, जो जयपुर जिले के कोटपूतली के रहने वाले हैं, रोजाना सुबह 5 बजे अपनी सब्जियों की ठेला लगाकर शाम तक मेहनत करते हैं।
कुछ दिनों पहले वे किसी काम से पंजाब के बठिंडा गए थे। वहां चाय पीने रुकने पर उन्होंने मजाक-मजाक में लॉटरी का टिकट खरीद लिया। लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए दोस्त मुकेश ने 500 रुपये उधार देकर टिकट खरीदने में मदद की। अमित ने कहा, “मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह टिकट मेरी जिंदगी बदल देगा। किस्मत ने जो किया, वह अलौकिक है।
“31 अक्तूबर को लुधियाना में लॉटरी का ड्रॉ हुआ, जिसमें टिकट नंबर A438586 विजेता निकला। अमित का मोबाइल फोन खराब हो गया था, इसलिए शुरुआत में उन्हें खबर नहीं मिली। लॉटरी एजेंसी ने कई दिनों तक उनकी तलाश की, लेकिन आखिरकार अमित खुद आगे आए। 4 नवंबर को वे चंडीगढ़ पहुंचे और इनाम का दावा किया। टैक्स कटौती के बाद उन्हें करीब 7-8 करोड़ रुपये मिलेंगे।अमित की कहानी को खास बनाता है उनका दरियादिल फैसला।
उन्होंने बताया कि मुकेश ने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया था, इसलिए अब वे अच्छे समय में भी उनका ख्याल रखेंगे। अमित ने ऐलान किया कि वे मुकेश की दो बेटियों के शादी के लिए 51-51 लाख रुपये देंगे। कुछ रिपोर्ट्स में यह राशि 1 करोड़ बताई गई है, लेकिन उनका इरादा साफ है – दोस्त का परिवार खुशहाल हो। अमित ने कहा, “मेरा दोस्त मुश्किल में नहीं छूटा, अब मैं चाहता हूं कि अच्छे समय में भी वे और उनका परिवार खुश रहें।” इसके अलावा, वे अपने दो बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे।
यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग कह रहे हैं, “पैसे से अमीर तो बहुत होते हैं, लेकिन अमित जैसा दिल हर किसी के पास नहीं होता।” अमित की यह कहानी साबित करती है कि सच्ची दोस्ती और नेकी कभी व्यर्थ नहीं जाती। पंजाब लॉटरी विभाग ने भी चेतावनी दी है कि ऑनलाइन लॉटरी अवैध है, केवल काउंटर से पेपर टिकट ही वैध हैं।अमित ने कहा, “मैं अपनी खुशी बयां नहीं कर सकता। यह भगवान का आशीर्वाद है।” उनकी यह जीत न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि आशा की किरण भी।


