पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर पुलिस कमिश्नर आईपीएस धनप्रीत कौर को 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में एक आरोपी की जमानत अर्जी के बारे में बार-बार गलत जानकारी देने के लिए की गई ।
हाईकोर्ट ने इस संबंध में उन्हें फटकार भी लगाई। कोर्ट ने जुर्माने की राशि को दो हफ्तों के अंदर चीफ मिनिस्टर आपदा राहत फंड में जमा करवाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर यह रकम निर्धारित समय के अंदर जमा नहीं करवाई जाती, तो जालंधर पुलिस कमिश्नर को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ेगा।
यह कार्रवाई 2023 के एक केस के संबंध में की गई थी, जिसमें जालंधर कमिश्नरेट के नयी बारादरी पुलिस स्टेशन में रघुबीर सिंह और उसके साथी से 100 ग्राम और 150 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। आरोपी ने इस मामले में हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की थी। पंजाब सरकार ने कहा था कि उसके खिलाफ 18 मामले दर्ज है और नौ गवाहों के बयान अभी भी विचाराधीन हैं।
दो साल बाद, जब आरोपी ने नई जमानत पिटिशन दायर की, तो यह पाया गया कि केवल दो गवाहों ने गवाही दी थी, और इस बार सरकार ने दावा किया कि आरोपी के खिलाफ 16 मामले दर्ज किए गए है।पिटिशनकर्ता के वकील ने कहा कि वास्तव में, आरोपी के खिलाफ केवल दो मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से एक में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
अदालत ने टिप्पणी की कि सरकार लगातार अदालतों को गुमराह कर रही है और ऐसी गलत जानकारी आपराधिक न्याय प्रणाली की गंभीरता को प्रभावित करती है। हाईकोर्ट ने इस लापरवाही को अस्वीकार्य बताते हुए, जालंधर पुलिस कमिश्नर पर ₹100,000 का जुर्माना लगाया है।


